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गोगाजी भक्त पुरणमल आचार्य की कथा

 राजस्थान के लोक प्रिय देवता गोगा जी महाराज , के परम भगत पूर्णमल आचार्य 🙏 नोरंगदेसर, बीकानेर जिला, विक्रम संवत 1716  वर्तमान में, देराजसर, चुरू जिला, ईस्वी सन्,1659  नोरंगदेसार का ठाकुर (राजा) मदन सिंह ( औरंगजेब का सेनायी टुकड़ी अध्यक्ष) था, और गांव का चौधरी स्वरूप राम थे, छोटी सी, 20 , 25 घरों की बस्ती थी,  गांव  में आचार्य समाज के  श्री भीयाराम जी s/०  दयाराम जी आचार्य, माता का नाम - रिद्धि देवी!  गोत्र - सारस्वत  नख - प्रवर  कुल देवी - भद्र काली, कलकता  कुल देव - भेरू गौरा, के घर पर विक्रम संवत 1576 पूर्णमल नामक एक पुत्र का जन्म हुवा, जो की अपने बालपन से ही गोगा जी के बारे में जानकारी और उन के लोक प्रसिद्ध पर्चो, के बारे में खूब सुन सुन कर ही बड़े हुवे,  धीरे धीरे, पिता के देहांत के चलते, घर की समस्त जिमेदारी पूर्ण मल पर आग्यी, और उनका घर बांधने के लिऐ समाज के बड़े बुजुर्ग उनका विवाह  साया - वर्तमान में शावा नाम से है, वाह कर दीया! एक दिन पूर्ण मल और उनकी मंडली गायों , उंठो, बल्द, बकरियां, भेड़े, इत्यादि को चलवाशी पशुव...